किसी ने सच ही कहा है, धरती पर अगर कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर है। फूलों की खूबसूरत वादियों में गर्मियों का नजारा कुछ अलग ही होता है। फिर झील में पड़े शिकारे यूं ही आपका मन मोह लेते हैं। अनोखी प्राकृतिक छटा के बीच कश्मीर की नदियों में नौकायान भी यात्रियों के आकर्षण का केन्द्र है।
डल झील

डल झील के मुख्य आकर्षण का केन्द्र है यहां के शिकारे या हाउसबोट। सैलानी इन हाउसबोटों में रहकर झील का आनंद उठाते हैं। नेहरू पार्क, कानुटुर खाना, चारचीनारी आदि द्वीपों तथा हज़रत बल की सैर भी इन शिकारों में की जा सकती है। यहां दुकानें भी शिकारों पर ही लगी होती हैं। आप शिकारे पर सवार होकर विभिन्न प्रकार की वस्तुएं भी खरीद सकते हैं। तरह तरह की वनस्पति झील की सुंदरता को और निखार देती है।
कमल के फूल, पानी में बहती कुमुदनी, झील की सुंदरता में चार चांद लगा देती है। सैलानियों के लिए विभिन्न प्रकार के मनोरंजन के साधन जैसे कायाकिंग (एक प्रकार का नौका विहार), केनोइंग (डोंगी), पानी पर सर्फिंग करना तथा ऐंगलिंग (मछली पकड़ना) यहां पर उपलब्ध कराए गए हैं। डल झील में पर्यटन के अतिरिक्त मुख्य रूप से मछली पकड़ने का काम होता है।
कैसे पहुंचें डल झील
डल झील पहुंचने के लिए वायुयान द्वारा श्रीनगर जिले से 25 किमी की दूरी पर बड़गाम जिले में स्थित एयरपोर्ट पर पहुंचा जा सकता है। नजदीकी रेल सेवा जम्मू में स्थित है तथा वहां का नेशनल हाईवे एनएच1ए कश्मीर घाटी को देश के अन्य भागों से जोड़ता है। इन पहाड़ी स्थलों तक पहुंचने में दस से बारह घंटे लगते हैं। इस यात्रा के दौरान पर्यटक यहां की प्रसिद्ध जवाहर सुरंग को देख सकते हैं। डल झील दुनिया की पहली झील है जहां इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध हैं।
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